#Sat_bhakti_sandesh
आज हम पढ़ रहे है भक्ति जरूरी क्यों है ।
👉 पवित्र वेदों व गीता जी आदि पवित्र सदग्रंथों में प्रमाण मिलता है कि जब-जब धर्म की हानि होती है व अधर्म की वृद्धि होती है तब परमेश्वर स्वयं आकर या अपने परम संत यानी सच्चे सतगुरु को भेजकर सत्य ज्ञान के द्वारा धर्म की पुनर्स्थापना करता है।
सच्चा सतगुरु वही है जो भक्त समाज को शास्त्र अनूकूल भक्ति साधना बताए।
🔅 मुख्य बिन्दु 🔅
🌟परमात्मा के संविधान को मानने के कारण भक्ति करने वाला व्यक्ति कोई अपराध नहीं करता। बल्कि अपराधी व्यक्ति भी जीवन सुधार लेता है।
🌟सत भक्ति करने से इंसान के अंदर जितने भी विकार हैं वह अपने आप खत्म हो जाते हैं।
🌟भौतिक सुविधाएं होने पर यदि कोई सत्य भक्ति नहीं करता तो वह व्यक्ति पूर्व जन्मों में की गयी भक्ति का ही फल भोग रहा है।
आज यदि सत्य भक्ति नहीं करते तो अगले जन्म में चौरासी में कष्ट उठाना पड़ेगा।
🌟भक्ति करने वाला व्यक्ति कभी न कभी पूर्ण संत की शरण प्राप्त कर मोक्ष प्राप्त कर ही लेता है। जबकी भक्ति हीन प्राणी का कुत्ते गधे आदि की योनियों में जाना पक्का है।
🌟सच्ची भक्ति करने वाला व परमात्मा पर विश्वास करने वाला व्यक्ति रिश्वत नहीं ले सकता, चोरी नहीं कर सकता, किसी का बुरा नहीं सोच सकता।
🌟समय रहते सत भक्ति तथा शुभ कर्म नहीं की तो अगले जन्म में पशु, पक्षी आदि का जीवन प्राप्त करके महा कष्ट उठाने पड़ेंगे।
🌟भक्ति करने से धन लाभ भी मिलता है और सभी शारीरिक बीमारियां भी खत्म होती हैं।
🌟सतभक्ति करने से हमारे जीवन में आने वाले सभी दुःख व कष्ट टल जाते हैं।
🔅 पूर्ण संत की पहचान 🔅
💫श्रीमद्भगवत गीता अध्याय 15 श्लोक 1 - 4, 16, 17 में कहा गया है जो संत इस संसार रूपी उल्टे लटके हुए वृक्ष के सभी विभाग बता देगा वह पूर्ण गुरु/सच्चा सद्गुरु है।
यह तत्वज्ञान केवल संत रामपाल जी महाराज ही बता रहे हैं।
💫यजुर्वेद अध्याय 19 मन्त्र 25 के अनुसार तत्वदर्शी संत वह होता है जो वेदों के सांकेतिक शब्दों को पूर्ण विस्तार से वर्णन करता है जिससे पूर्ण परमात्मा की प्राप्ति होती है।
ऐसा केवल संत रामपाल जी महाराज ही कर रहे हैं।
💫नकली संत कहते हैं कि सद्भक्ति से पापकर्म नहीं कटते, भोगने ही पड़ेंगे। जबकि सच्चे गुरु संत रामपाल जी महाराज सभी शास्त्रों से प्रमाणित करके बताते हैं कि सद्भक्ति से पापकर्म कटते हैं और कैंसर क्या कैंसर का बाप भी ठीक होता है।
💫सच्चा सतगुरु अपने सत्य ज्ञान से स्वच्छ समाज का निर्माण करता है। संत रामपाल जी महाराज के नेतृत्व में पाखण्ड मुक्त, नशा मुक्त, दहेजमुक्त, भ्रष्टाचार मुक्त समाज तैयार हो रहा है।
💫 सतगुरु की पहचान संत गरीबदास जी की वाणी में -
”सतगुरु के लक्षण कहूं, मधुरे बैन विनोद। चार वेद षट शास्त्र, कहै अठारा बोध।।“
पूर्ण संत चारों वेदों, छः शास्त्रों, अठारह पुराणों आदि सभी ग्रंथों का पूर्ण जानकार होगा।
सभी सद्ग्रन्थों के पूर्ण जानकर संत रामपाल जी महाराज हैं जो सतभक्ति देकर मानव को सभी बुराइयों से दूर कर रहे हैं।
👉 वेद कतेब झूठे नाहि, झूठे हैं जो समझे नाहि।
पूर्ण गुरु सभी सद्ग्रन्थों का ज्ञाता होता है।
सद्ग्रन्थों की पूर्ण जानकारी केवल पूर्ण संत रामपाल जी महाराज के पास ही है।
👉 जीव हमारी जाति है, मानव धर्म हमारा।
हिन्दू मुस्लिम सिख ईसाई, धर्म नहीं कोई न्यारा।।
-पूर्ण संत रामपाल जी महाराज
पूर्ण गुरु समाज से जाति व धर्म का भेद मिटाता है।
🔅 सच्चा सतगुरु वो है जो हमारे सभी धर्मों के सदग्रन्थों से प्रमाणित ज्ञान व सतभक्ति देकर मोक्ष दिला दे।
मोक्षदायक भक्ति केवल संत रामपाल जी महाराज के पास ही है।
Website -https://www.jagatgururampalji.org/
आप संत रामपाल जी महाराज की लिखित पुस्तक भी पढ़ सकते हैं ।
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" जीने की राह "
------👑𝗦𝗮𝗶𝗻𝘁 𝗥𝗮𝗺𝗽𝗮𝗹 𝗷𝗶 𝗠𝗮𝗵𝗮𝗿𝗮𝗷👑------









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